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धमतरी: Kisan Panjiyan: जिले के सभी कृषि भूमिधारक किसानों को आधार नंबर की तरह ही यूनिक पहचान नंबर देने के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन किया जा रहा है। किसानों को यूनिक पहचान नंबर मिल जाने से खेती-किसानी के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी आसानी होगी। किसान पंजीयन के लिए 31 मार्च 2025 अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। केन्द्र सरकार की एग्री टैक परियोजना के तहत किसानों को इस पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य है। बिना पंजीयन के भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा। एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए किसान अपने नजदीक के प्राथमिक सहकारी समिति या जिले के किसी भी चॉईस सेंटर या लोक सेवा केन्द्र पर सम्पर्क कर सकते हैं। धमतरी जिले में अभी तक 88 हजार 106 किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकृत कर उनके यूनिक किसान नंबर फॉर्मर आईडी जारी किए जा चुके हैं।
Kisan Panjiyan: कृषि विभाग के उप संचालक मोनेश साहू ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन कराकर फॉर्मर आईडी बनवाने वाले किसानों को फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, केसीसी, फसल ऋण जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को बार-बार अपने दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। पंजीयन के बाद मिले कार्ड से ही सभी योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से मिल सकेगा। उप संचालक ने यह भी बताया कि जो किसान अपना पंजीयन एग्रीस्टैक पोर्टल पर नहीं कराएंगे, उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। साहू ने बताया कि किसानों को यूनिक पहचान नंबर प्राप्त करने के लिए अपनी कृषि भूमि के दस्तावेज जैसे-ऋण पुस्तिका, बी-1 के साथ आधार कार्ड की प्रति और आधार कार्ड से सम्बद्ध मोबाईल नंबर बताना होगा। किसानों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर लोकसेवा केन्द्रों में संबंधित जानकारी पोर्टल पर ऑनलाईन दर्ज की जाएगी। दर्ज जानकारी का सत्यापन राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इसके बाद किसानों को यूनिक पहचान नंबर जारी किया जाएगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपनी यूनिक पहचान के लिए जल्द से जल्द लोकसेवा केन्द्र जाकर या नजदीकी सहकारी समिति में संबंधित पोर्टल पर जानकारी दर्ज कराकर पंजीयन करा लें और यूनिक पहचान मिलने के बाद प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना सहित खेती-किसानी के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का आसानी से फायदा लें।